Monday, October 12, 2026
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आयुष्मान कार्ड में विसंगतियां, अस्पतालों की मनमानी पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी का हमला

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राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने प्रेस वार्ता में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया और इलाज के दौरान आने वाली समस्याओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड की अनिवार्यता ने कई विसंगतियों को जन्म दिया है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, वे आयुष्मान कार्ड बनाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, जिनके पास राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं है, उन्हें भी इसे बनवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

इससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सेमवाल ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड धारकों को अस्पतालों में दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। इसके अलावा कई प्रमुख निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड लागू नहीं है, जो एक गंभीर समस्या है। उनका कहना था कि इस स्थिति में, आयुष्मान कार्ड का उद्देश्य सफल नहीं हो पा रहा है।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के संरक्षक सुरेश चंद्र जुयाल ने भी इस मुद्दे को उठाया और बताया कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से लोग उत्तराखंड में आकर आयुष्मान कार्ड का लाभ ले रहे हैं, जिससे राज्य के राजस्व पर दबाव बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ जन सेवा केंद्रों में आधार कार्ड के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिसमें लोगों से 3000 रुपए तक की राशि ली जा रही है।

सेमवाल ने निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज के दौरान होने वाली अनियमितताओं और गबन की भी आलोचना की। उनका कहना था कि अस्पतालों के साथ अनुबंधों में सुधार की आवश्यकता है, ताकि गोल्डन कार्ड धारकों को सरकार के अस्पतालों में इलाज मिल सके।

पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने भी इस मुद्दे पर सरकार से तत्काल सुधार की अपील की और चेतावनी दी कि अगर ये समस्याएं समय रहते हल नहीं की गईं, तो जनता का आक्रोश सड़क पर आ सकता है।

Reported By: Arun Sharma

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